फ़िल्म ‘लफँगे नवाब’ का फ़र्स्ट लुक़ जारी

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    बॉलीवुड में सस्पेंस ड्रामा दर्शको की पहली पसंद रहे है। गुलशन आनंद फिल्म्स के बैनर तले निर्मित फिल्म लफँगे नवाब भी सस्पेंस और मिस्ट्री की ऐसी ही फिल्म है तक का फर्स्ट लुक ( पहली झलक ) मुंबई में लांच किया गया। इस अवसर पर फिल्म के मुख्य कलाकार रोबिन सोही, रितम भारद्वाज, लारिसा चाकज़, निर्माता अर्पित अवस्थी, माही  आनंद, नमिता चक्रवर्ती, निर्देशक सनोज मिश्रा, म्यूजिक डॉयरेक्टर अली फ़ैसल और एक्ज्यूटिव प्रोड्यूसर विवेक अग्रवाल  उपस्थित थे।

    लख़नऊ और मुंबई के ख़ूबसूरत लोकेशन पर फ़िल्मायी गयी लफंगे नवाब एक सस्पेंस ड्रामा फिल्म है। फिल्म में प्रमुख किरदारों में रोबिन सोही, रितम भारद्वाज, लारिसा चाकज़, निशा श्रीवास्तव नजर आएंगे।



    लफंगे नवाब की कहानी फिल्म के मुख्य नायक यूग और उसके पिता शहर के सबसे बड़े व्यवसायी सिंघानिया के आस पास घूमती है।सिंघानिया शहर के मशहूर व्यापारी हैं और हमेशा चाहते हैं कि उनका बेटा युग उनके व्यापार का  उत्तराधिकारी बने लेकिन यूग अपने 4-5 दोस्तों के साथ एक संगीत बैंड में बहुत ख़ुश है जो शहर में छोटे  कार्यक्रम करते रहे है । सिंघानिया  अपने बेटे युग को  व्यापार को सीखने के लिए कहते और समझांते हैकि उसके दोस्त सिर्फ उसके पैसे की वजह से साथ में रहते है ।  युग को सबक सिखाने के लिए सिंघानिया  पिता अपने यहाँ काम करनेवाली  एम्मी  की नकली हत्या की योजना बनाते हैं जो अपने घर पर रहता है। वह उसे आश्वस्त करता है (यूग) कि पिस्तौल की सफाई की प्रक्रिया में उसने गलती से एम्मी  की हत्या कर दी और उससे पूछा कि वह अपने दोस्तों की मदद से मृत शरीर को छुपा दे । लेकिन उनके युग का कोई भी दोस्त इसके मदद करने के लिए आगे नहीं आता  हैं और आखिर में सिंघानिया और युग डेड बॉडी को छुपाने जाते है इस बीच सिंघानिया युग को एम्मी  की बॉडी को चेक करने के लिए कहता है , युग एकदम से चौंक जाता है  एम्मी के शरीर की जगह एक डमी थी। सिंघानिया युग को समझाता हैकि  सारा ड्रामा उन्होंने युग को सबक सीखने के लिए किया था । युग ने अपने पिता से माफ़ी मांगी और वे दोनों अपने घर लौट आए। लेकिन यहाँ तो बहुत बड़ा ट्वीस्ट आ जाता है एम्मी का सचमुच ख़ून हो जाता है  किसी ने पुलिस को सूचित किया है। सिंघानिया उन्हें समझाने  की कोशिश करता है कि यह एक नकली हत्या और गलत खबर थी पुलिस उन्हें हत्या के स्थान पर ले जाती है और एम्मी  के मृत शरीर को पाती है। अम्मी की हत्या में, पुलिस ने सिंघानिया को गिरफ्तार किया और फिल्म में कई सवाल है एम्मी की हत्या किसने की है? क्या सिंघानिया और युग के षड़यंत्र से बहार आ पाएंगे, आखिर सच्चाई क्या है?



    इस अवसर पर निर्मात्री माही आनंद ने कहाकि ” लफँगे नवाब हमारे प्रॉडक्शन हाउस गुलशन आनंद फ़िल्म्स की पहली फिल्म है मैं अपने पिता को इस फ़िल्म समर्पित करती हूँ। लफंगे नवाब में दर्शको  सस्पेंस और मिस्ट्री  कॉकटेल देखने को मिलेगा।

    निर्देशक सनोज मिश्रा ने बतायाकि “फिल्म लफँगे नवाब आज के दर्शको के लिए बनायीं गयी फिल्म है फिल्म का संस्पेंस दर्शको को दर्शको को आखिरी सीन तक बाँध कर रखेंगे। फिल्म में रोबिन सोही के साथ ही अन्य कलाकारों ने बहुत अच्छा अभिनय किया है सबसे ख़ास फिल्म का संगीत है पलक मुच्छाल, शहीद माल्या, दीपक शर्मा और पुष्पेंदर सिह के गीत बहुत पसंद आएंगे।




    छायाकार : रमाकांत मुंडे

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